
सरयू प्रखंड के चोरहा पंचायत के नइकी डबरी गांव निवासी 20 वर्षीय कामेश्वर सिंह, पिता जितेंद्र सिंह, मजदूरी करने 3 अगस्त को गोवा के लिए घर से निकले थे। दुर्भाग्य से 6 अगस्त को बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर चलते ट्रेन से गिरने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें कर्नाटक के वेन लॉक अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ पिछले एक महीने से उनका इलाज चल रहा है। दुर्घटना में उनका दाहिना हाथ टूट चुका है और वे चलने-फिरने में असमर्थ हैं। अस्पताल प्रबंधन ने इलाज जारी रखने के लिए ₹30,000 जमा कराने की शर्त रखी है, अन्यथा उन्हें घर भेजने की बात कही गई है।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे पिता जितेंद्र सिंह ने कहा, “मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं। बेटे की हालत देखकर मैं टूट चुका हूँ। मैंने मीडिया के जरिए राज्य सरकार से अपील की है कि मेरे बेटे को रांची स्थित रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया जाए, ताकि उसे बेहतर इलाज मिल सके।”
अब तक परिवार की अपील पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। परिवार की उम्मीदें सरकार से जुड़ी हैं कि समय रहते हस्तक्षेप कर कामेश्वर को आवश्यक इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। गरीब मजदूर परिवार को इस संकट से उबारने के लिए सरकार की त्वरित पहल ही उनकी अंतिम उम्मीद है।


